केरल में भारी बारिश का कहर: 5 ज़िलों में रेड अलर्ट, 3 ज़िलों में स्कूल-कॉलेज बंद
5319 Jul 2025
🌧️ केरल में भारी बारिश का कहर: 5 ज़िलों में रेड अलर्ट, 3 ज़िलों में स्कूल-कॉलेज बंद
केरल में मानसून ने अपना ज़ोर दिखाना शुरू कर दिया है। भारी बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने आज राज्य के **5 ज़िलों** में रेड अलर्ट जारी किया है। वहीं, 3 ज़िलों में **स्कूल-कॉलेजों में छुट्टी** घोषित कर दी गई है।
लोगों से सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की गई है। आइए जानते हैं ताज़ा स्थिति क्या है और प्रशासन क्या कदम उठा रहा है।
किस ज़िले में रेड अलर्ट?
मौसम विभाग के अनुसार, केरल के जिन ज़िलों में आज रेड अलर्ट घोषित किया गया है, उनमें शामिल हैं:
1. **इडुक्की
2. **कोट्टायम
3. **एर्नाकुलम
4. **अलप्पुझा
5. **पठानमथिट्टा
इन इलाकों में अगले 24 घंटों में **150 मिमी या उससे ज़्यादा बारिश** हो सकती है। इसके चलते **भूस्खलन, जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं** की आशंका बढ़ गई है।
🏫 स्कूल-कॉलेज कहाँ बंद हैं?
लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए, प्रशासन ने **कोट्टायम, इडुक्की और एर्नाकुलम** ज़िलों में सभी **शैक्षणिक संस्थान** बंद रखने का आदेश दिया है।
हालाँकि कुछ जगहों पर **ऑनलाइन कक्षाओं** की अनुमति दी गई है, लेकिन किसी को भी जोखिम लेने के लिए नहीं कहा गया है।
प्रशासन ने क्या तैयारियाँ की हैं?
राज्य सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग ने संयुक्त रूप से कई एहतियाती कदम उठाए हैं:
* संवेदनशील इलाकों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात की गई हैं।
* भूस्खलन संभावित इलाकों से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया जा रहा है।
* नदी और तटीय इलाकों में निगरानी बढ़ा दी गई है।
* हर जिले में नियंत्रण कक्ष 24x7 सक्रिय हैं।
इसके अलावा, बिजली विभाग और स्वास्थ्य विभाग को भी अलर्ट पर रखा गया है।
👨👩👧👦 आम जनता के लिए महत्वपूर्ण सुझाव
प्रशासन ने लोगों को कुछ **महत्वपूर्ण सलाह** दी है:
* जब तक बहुत ज़रूरी न हो, घर से बाहर न निकलें।
* जलभराव वाले इलाकों और बहते नालों से दूर रहें।
* मोबाइल पर आने वाले **सरकारी अलर्ट** पर ध्यान दें।
* किसी भी आपात स्थिति में, **1077** या स्थानीय **नियंत्रण कक्ष** पर संपर्क करें।
🌦️ मौसम पूर्वानुमान
आईएमडी ने कहा है कि अगले 48 घंटों में बारिश की तीव्रता और बढ़ सकती है। केरल के मध्य और दक्षिणी ज़िलों में विशेष रूप से **अत्यधिक भारी वर्षा** की चेतावनी जारी की गई है। इसे मानसून का सबसे सक्रिय चरण माना जाता है।
📉 पिछले वर्षों की स्थिति से तुलना
पिछले कुछ वर्षों पर नज़र डालें तो 2018 और 2019 की **बाढ़ त्रासदी** लोगों की यादों में अभी भी ताज़ा है। लेकिन इस बार प्रशासन ने समय रहते कार्रवाई शुरू कर दी है ताकि किसी भी बड़े नुकसान से बचा जा सके।
🏠 राहत शिविरों की व्यवस्था
प्रभावित क्षेत्रों में **राहत शिविर** स्थापित किए गए हैं, जहाँ ज़रूरतमंदों को निम्नलिखित सुविधाएँ प्रदान की जा रही हैं:
* आवास
* भोजन और पेयजल
* दवाइयाँ और प्राथमिक उपचार
* बच्चों और बुजुर्गों के लिए विशेष सुविधाएँ
अफ़वाहों से सावधान रहें
प्रशासन ने लोगों को सोशल मीडिया पर फैल रही **फर्जी खबरों और अफवाहों** से बचने की सलाह दी है। किसी भी जानकारी पर विश्वास करने से पहले **सरकारी या विश्वसनीय स्रोत** से पुष्टि ज़रूर करें।
🔚 निष्कर्ष
इस समय केरल में स्थिति गंभीर बनी हुई है, लेकिन सरकार और आपदा प्रबंधन विभाग की टीमें पूरी तरह सतर्क हैं। आम जनता से भी अपेक्षा है कि वे प्रशासन का सहयोग करें और स्वयं भी सतर्क रहें।
प्रकृति पर हमारा कोई नियंत्रण नहीं है, लेकिन **सतर्कता और संयम** से हम किसी भी आपदा के प्रभाव को कम कर सकते हैं।
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