व्लादिमीर पुतिन महीने के अंत में कर सकते हैं भारत का दौरा; अमेरिकी टैरिफ वॉर के बीच बड़ी खबर
4708 Aug 2025
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के अगस्त के अंत में भारत दौरे की संभावना जताई जा रही है। ऐसे समय में जब अमेरिका और भारत के बीच टैरिफ वॉर तेज हो रहा है, यह दौरा कूटनीतिक और व्यापारिक दृष्टिकोण से बेहद अहम माना जा रहा है।
पुतिन का भारत दौरा: वैश्विक राजनीति में बड़ा घटनाक्रम
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस महीने के अंत में भारत की यात्रा पर आ सकते हैं। यह दौरा ऐसे समय पर हो रहा है जब अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक टकराव अपने चरम पर है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ लगाने की घोषणा की है, जिससे भारत पर कुल टैरिफ 50% हो गया है। ऐसे में पुतिन का दौरा भारत के लिए सामरिक, रणनीतिक और आर्थिक रूप से अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति पुतिन के बीच संभावित मुलाकात के दौरान रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी सहयोग पर बड़े फैसले लिए जा सकते हैं। रूस भारत को S-400 डिफेंस सिस्टम की डिलीवरी पहले ही शुरू कर चुका है और अब परमाणु ऊर्जा, तेल-गैस और डिजिटल सेक्टर में नई डील्स की तैयारी चल रही है।
🔥 अमेरिकी टैरिफ वॉर के बीच पुतिन की कूटनीतिक एंट्री
अमेरिका और भारत के बीच व्यापारिक तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। ट्रंप प्रशासन ने भारत पर चीन जैसे टैरिफ लागू करने की चेतावनी दी थी, जो अब हकीकत बनती दिख रही है। अमेरिकी टैरिफ के जवाब में भारत ने भी कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शुल्क बढ़ाने का संकेत दिया है।
ऐसे तनावपूर्ण माहौल में रूस का झुकाव भारत की ओर होना अमेरिका के लिए चिंता का विषय बन सकता है। पुतिन का भारत दौरा इस कूटनीतिक समीकरण को और भी जटिल बना सकता है, क्योंकि इससे भारत को वैकल्पिक रणनीतिक सहयोगी के रूप में रूस से समर्थन मिल सकता है।
🤝 भारत-रूस संबंध: पुराना भरोसा, नई दिशा
भारत और रूस के रिश्ते दशकों पुराने हैं और इनमें आपसी विश्वास की मजबूत नींव रही है। हाल के वर्षों में भले ही भारत ने अमेरिका से नजदीकियां बढ़ाई हों, लेकिन रूस को कभी नजरअंदाज नहीं किया गया। अब जब अमेरिका के साथ व्यापारिक और कूटनीतिक खटास बढ़ रही है, ऐसे में रूस फिर से भारत के लिए विश्वसनीय साझेदार के रूप में उभर सकता है।
इस संभावित दौरे से भारत-रूस रक्षा समझौते, ऊर्जा परियोजनाएं, अंतरिक्ष सहयोग और क्षेत्रीय सुरक्षा पर ठोस कदम उठाए जा सकते हैं। पुतिन और मोदी के बीच रणनीतिक साझेदारी को नए स्तर पर ले जाने की पूरी संभावना है।
📢 निष्कर्ष
व्लादिमीर पुतिन का संभावित भारत दौरा केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं होगी, बल्कि यह वैश्विक कूटनीतिक समीकरणों में एक बड़ा बदलाव ला सकता है। जब अमेरिका भारत पर टैरिफ का दबाव बना रहा है, तब रूस का यह कदम भारत के लिए नई संभावनाओं के द्वार खोल सकता है।
भारत को इस मौके का फायदा उठाते हुए न केवल रूस के साथ रिश्तों को गहरा करना चाहिए, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपनी रणनीतिक स्थिति को और मजबूत बनाना चाहिए।
0 likes
Top related questions
Related queries
Latest questions
06 Sep 2025 24
08 Aug 2025 47
07 Aug 2025 20
06 Aug 2025 45
02 Aug 2025 30
31 Jul 2025 18
